नहीं आना ? सितंबर 21, 2010 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप तुम तक आना थातोमैंतुम जैसा हो गया।कभी, तुमक्यों नहीं होतेमुझ जैसे ?क्यातुम्हेंमुझ तक नहीं आना ? टिप्पणियाँ वीना श्रीवास्तव21 सितंबर 2010 को 1:12 am बजेबहुत सुंदर...अच्छा सवालजवाब देंहटाएंउत्तरजवाब देंMeenu Khare21 सितंबर 2010 को 1:14 am बजेआज पहली बार आपका ब्लॉग देखा. रचनाएँ बहुत महसूस करके लिखी गई हैं. बधाई.यदि कमेन्ट बॉक्स से वर्ड वेरिफिकाशन हटा दें तो सुविधा होगी.जवाब देंहटाएंउत्तरजवाब देंटिप्पणी जोड़ेंज़्यादा लोड करें... एक टिप्पणी भेजें
बहुत सुंदर...अच्छा सवाल
जवाब देंहटाएंआज पहली बार आपका ब्लॉग देखा. रचनाएँ बहुत महसूस करके लिखी गई हैं. बधाई.यदि कमेन्ट बॉक्स से वर्ड वेरिफिकाशन हटा दें तो सुविधा होगी.
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