काश ! तुम समझ पाते जुलाई 11, 2009 लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप अगर झटक पाता तो अब तक छोड़ चुका होता तुम्हारा पिंड । लत , छूट जाती है/ आदत भी बदल जाती है/ मोहब्बत भी याद नहीं रहती। मगर ...... खैर , छोडो ! ..... तुम नहीं समझोगे......! टिप्पणियाँ
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